जनकपुरी महोत्सव में गूंजे सियापति श्रीरामचंद्र के उदघोष, दूसरे दिन भी दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, केंद्रीय मंत्री की पत्नी ने दी मंच पर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति || शंकर वैदिक विद्या संस्थान के विद्यार्थियों ने किया शुक्ल यजुर्वेद का पाठ

आगरा, 30 सितंबर। जनकपुरी महोत्सव में भव्य आभा लिए जनक महल मंच पर विराजे राम, जानकी, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के साथ अन्य स्वरूपों के मनमोहक स्वरूप को देखने के लिए सोमवार को भी जन सैलाब उमड़ता रहा। 
कोठी मीना बाजार में सजे जनकमहल में जैसे ही आज सीताजी और सखियों का डोला चारों भाइयों संग पहुंचा तो चारों ओर सियाराम के जयकारे गुंजायमान होने लगे। श्रद्धालु स्वरूपों के पैर छूकर आशीर्वाद लेने को लालायित दिखा तो किसी ने दूर से हाथ जोड़कर संतुष्टि की। इस दौरान सभी स्वरूपों पर ड्रोन से पुष्प वर्षा भी की गई। 
मुख्य मंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भक्ति के स्वर बिखरे। श्रद्धालुओं ने भी कलाकारों का कभी स्वर से स्वर मिलाकर तो कभी श्रीहरि के भजनों पर जूमते नाचते हुए दिया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में संस्कार पाठशाला भोगीपुरा के विद्यार्थियों ने श्रीगणेश स्तुति की गई। स्वरूपों के जनक महल पर आगमन पर आदि शंकर वैदिक विद्या संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा शुक्ल यजुर्वेद का पाठ किया। 
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल की पत्नी मधु बघेल द्वारा राधा जी की नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। इस दौरान प्रो बघेल भी मंच के सामने विशिष्ट दीर्घा में मौजूद रहे। जनक महल पर राजा जनक प्रमोद वर्मा, रानी सुनयना मंजू वर्मा, राजा दशरथ संतोष शर्मा व रानी कौशल्या ललिता शर्मा भी विराजमान थे।
ताज कला ग्रुप, शिवांगी, पं. मुरली मनोहर दीक्षित द्वारा भी भक्तिमय प्रस्तुतियां दी गईं। राधा खंडेलवाल ने भजन प्रस्तुत किया। नैनों के तीर चलावे है ये चपल नयन बलवारी..., हे दुख भंजन मारुति नन्दन सुन लो मेरी पुकार, पवन सुत विनती बारम्बार..., आज दूल्हा बने राजा राम, ये जोड़ी का जवाब नहीं..., की प्रस्तुति ने हर भक्त को भक्ति के सरोबर में डुबो दिया। मुख्य रूप से राजवर्धन वाजपेयी, तनिष्का, परी, गुरमीत कौर, रिमझिम शुल्क आदि थे। संचालन गौरव राजावत, रमन अग्रवाल, रवि नारंग ने किया।
इससे पूर्व राजा जनक आवास (इंद्रा कालोनी) से प्रारम्भ हुई स्वरूपों की यात्रा रुई की मंडी, शाहगंज बाजार क्षेत्र में भ्रमण करते हुए निकले तो जगह-जगह पुष्प वर्षा व आरती कर उनका स्वागत किया गया। शोभायात्रा निकलने का इंतजार लोग अपनी छतों पर बैठकर करते दिखे। अनेक लोगों ने छतों से पुष्प वर्षा भी की।
मंच पर श्रीजनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सियाराम की आरती की। इसके उपरान्त भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंगलवार की रात नौ बजे सीता जी की विदाई होगी।
राजा जनक ने दी बड़हार की दावत 
आगरा। जनकदुलारी के विवाह के अवसर पर राजा जनक प्रमोद वर्मा ने सोमवार को बड़हार की दावत दी। लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित बड़हार कार्यक्रम में शहर के प्रमुख संस्थानों से लेकर राजनीतिज्ञ, समाजसेवी व शहरवासियों ने प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर मंच पर विराजमान श्रीराम सहित चारों भाइयों व जानकी जी के दर्शन कर लोगों ने चरण स्पर्श किए। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एमएलसी विजय शिवहरे, सांसद रामशंकर कठेरिया, श्याम भदौरिया, श्रीजनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष गौरव अग्रवाल, गौरव राजावत, राहुल चतुर्वेदी, हेमन्त भोजवानी, राजीव शर्मा, अनुराग उपाध्याय, मुनेन्द्र जादौन, राहुल सागर, निशान्त चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे। 
मिथिला प्रवेशिका मंच पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
मिथिला प्रवेशिका मंच पर सोमवार को ललित कला संस्थान के संगीत प्रभारी देवाशीष गांगुली के निर्देशन में छात्राओं ने मधुर भजन प्रस्तुत किए। रूपेश मल्होत्रा, अरविंद बघेल, पूजा तोमर, श्वेता सागर ने आध्यात्मिक गीत प्रस्तुत किये। आकृति, अपेक्षा, आराध्या, मानव, भूमि माथुर और आरोही ने भक्ति भाव युक्त नृत्य प्रस्तुत किये। संचालन सुशील सरित ने किया और संयोजक चंद्रशेखर शर्मा थे। नृत्य निर्देशन विजयलक्ष्मी शर्मा ने किया। संगीत संयोजन सुभाष सक्सेना एवं राज मैसी का था।
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