आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन में विवाद, रामानी बोले, विजय सामा स्वयंभू अध्यक्ष, पूरी प्रक्रिया ही अवैध
आगरा, 30 जुलाई। आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन के अध्यक्ष गागन दास रामानी ने विजय सामा के फैडरेशन का नया अध्यक्ष चुने जाने की खबर को गलत और नियम विरुद्ध बताया है।
रामानी ने मीडिया को विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि सामा गुट के कुछेक लोगों ने बैठक बुलाकर यह घोषणा कर दी, जबकि बैठक बुलाने वाले प्रदीप सरीन इसके लिए अधिकृत ही नहीं हैं। बैठक वे चंद लोग शामिल हुए जिनका फैडरेशन के चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। इस बैठक को फैडरेशन की बैठक नहीं कहा जा सकता।
रामानी ने कहा कि विगत 11 जुलाई को मेरी अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी की बैठक में जिसमें खुद विजय सामा अपने गुट के कुछ सदस्यों के साथ उपस्थित थे, मैंने फैडरेशन के नियमानुसार अध्यक्ष के चुनाव कराने के लिए एक चुनाव अधिकारी व दो उनके सहयोगियों की घोषणा कर दी थी। मैंने उसी दिन 31 मार्च तक की आडिटेड बैलेंस शीट व आय व्यय लेखे भी प्रस्तुत किए थे।
उसके बाद प्रदीप सरीन ने 15 जुलाई को अनिल लाल (बिमल शूज), गुन्नी भाई नरेन्द्र कश्यप, राज कुमार पुरसनानी, दिलीप खूबचंदानी को अपनी दुकान संजय प्लेस में बुलाकर विजय सामा को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाने की बात की। वहां विजय सामा व उसके अन्य दो सहयोगी भी उपस्थित थे। हमारे फैडरेशन के चारों सम्मानित सदस्यगण ने प्रदीप सरीन की पेशकश स्वीकार कर ली व मैंने 17 जुलाई को विजय सामा को कार्यवाहक अध्यक्ष मनोनीत कर दिया।
उसके बाद विजय सामा गुट ने षडयंत्र करके 26 जुलाई को फुटवियर ट्रेडर्स एंड रा मटेरियल सप्लायर की एक बैठक प्रदीप सरीन के द्वारा सूचना जारी कराकर फैडरेशन कार्यालय में बुला ली। मुझे व फैडरेशन के प्रमुख पदाधिकारीगण व सदस्यगण को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। सिर्फ सामा गुट, रॉ मैटेरियल सेलर्स सोल सेलर्स के कुछ लोगों को बैठाकर विजय सामा को निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया। अनधिकृत प्रदीप सरीन द्वारा बुलाई गई इस बैठक को फैडरेशन की बैठक नहीं कहा जा सकता। जिसमें फैडरेशन के 350 सदस्यगण में से मात्र लगभग 20-25 सदस्यगण ही उपस्थित थे। बाकी लोगों का फैडरेशन के चुनाव से कोई संबंध नहीं है।
रामानी ने कहा कि फैडरेशन अध्यक्ष का चुनाव विधिवत घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार किया जाता है जिसमें नामांकन पत्र को दाखिल करने की तिथि, नामांकन पत्र जांच की तिथि, नाम वापसी की तिथि व सदस्यगण द्वारा मत का प्रयोग कर चुनाव कराने की प्रक्रिया चुनाव अधिकारीगण द्वारा घोषित की जाती है। यह अभी तक घोषित नहीं हुई है। ऐसी हालत में विजय सामा का स्वयंभू अध्यक्ष घोषित किया जाना फैडरेशन के नियमानुसार अवैध है।
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