सावधान! कहीं आप भी न कर दिए जाएं डिजिटल अरेस्ट, लग जायेगा लाखों का चूना, सिकंदरा की डॉक्टर हो गईं शिकार

आगरा, 30 जुलाई। साइबर अपराधी ठगी के नए-नए रास्ते अपना रहे हैं। इन दिनों अपराध की दुनिया में डिजिटल अरेस्ट का तरीका छाया हुआ है। साइबर ठग फोन पर बात करते-करते वीडियो कॉल शुरू कर देते हैं और पुलिस या सीबीआई अफसर बन कर ऐसा धमकाते हैं कि पीड़ित घबराकर उनके द्वारा मांगी गई रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर देता है। इस दौरान घंटे-दो घंटे से लेकर आठ-दस घंटे तक पीड़ित को वीडियो कॉल के सामने से हटने नहीं दिया जाता है।
पिछले दिनों ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। साइबर ठगों ने ताजा शिकार शहर के सिकंदरा क्षेत्र में एक गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली महिला चिकित्सक को बनाया। पिछली 26 जुलाई को हुई इस ठगी के दौरान डॉक्टर को दो घंटे तक वीडियो कॉल के सामने से नहीं हटने दिया गया और उनसे दो लाख रुपये अपने खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए गए। कॉल पर कुछ लोग पुलिस की वर्दी में भी नजर आ रहे थे। ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी पुलिस अधिकारी के कार्यालय से बात हो रही है। उनसे कई सवाल पूछे गए। महिला डॉक्टर पहले तो सीबीआई या पुलिस विभाग की कार्रवाई समझती रहीं, लेकिन फिर उनके एक परिचित ने समझाया कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है। इसके बाद महिला डॉक्टर ने थाना सिकंदरा में शिकायत दर्ज कराई। मुकदमा दर्ज होने के बाद थाना पुलिस और साइबर सेल पड़ताल में जुटी हुई हैं।
आम नागरिकों को ऐसे साइबर ठगों से सावधान हो जाना चाहिए। ये ठग अपने शिकार को सामान्य या वीडियो कॉल पर ऐसा डरा देते हैं कि घबराहट में वह उनकी बातों में फंसता चला जाता है। ऐसा दिखाया जाता है कि कस्टम, सीबीआई, ईडी या अन्य जांच एजेंसी के अधिकारी ऑनलाइन पूछताछ कर रहे हैं। आसपास वर्दी में लोग भी दिखाई देते हैं। पूछताछ में डराया धमकाया जाता है। उनसे कहा जाता है कि वीडियो कॉल काटने या हटने पर मान लिया जाएगा कि आप अपराधी हो और तत्काल गिरफ्तारी हो जाएगी। ऐसे में लोग उनके झांसे में आ जाते हैं। 
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