खुलासा: आगरा में लेबल बदल कर बेच रहे थे सेना की जीवनरक्षक दवाएं, सात गिरफ्तार, 40 लाख की दवाएं बरामद

आगरा, 28 फरवरी। आए दिन छापेमारी के बाद भी शहर में अवैध दवाओं का धंधा रुक नहीं रहा है। दवा माफियाओं ने देश की सेना में भी सेंधमारी कर डाली। देश के जवानों के लिए उपलब्ध होने वाली दवाइयों को री-पैकेजिंग कर बाजार में बेचा जा रहा था। पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने इस गैंग का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से करीब चालीस लाख रुपये की दवाएं बरामद की गईं।
हरीपर्वत पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने सैन्य सप्लाई की दवाओं को बाजार में सस्ते दामों पर खपाने वाले अंतर्राज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया। गैंग से सेना में इस्तेमाल में लायी जाने वाली जीवन रक्षक दवाइयों का जखीरा बरामद किया गया। 
बुधवार को डीसीपी सिटी सूरज राय ने मीडिया को बताया कि यूपी एसटीएफ से इनपुट मिलने का बाद हरीपर्वत पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स सक्रिय हुई। बीते सोमवार और मंगलवार को दो दिन फौवारा स्थित दवा बाजार में छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यहां कई थोक और रिटेल मेडिकल स्टोर्स से सैन्य सप्लाई से सम्बंधित दवाएं बरामद की गई। टीम ने पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया था, जिनसे पूछताछ के बाद बड़ा खुलासा हुआ। तथ्यों को जोड़ने के बाद पुलिस ने सैन्य सप्लाई की दवाइयों की कूटरचित पैकेजिंग बनाकर बाजार में अच्छे दामों पर बेचकर लाभ कमाने वाले अंतर्राज्यीय गैंग को पकड़ने में सफलता हासिल की। यह गैंग यूपी सहित कई प्रदेशों में मिलट्री और डिफेंस में इस्तेमाल की जाने वाली जीवनरक्षक दवाओं की डिलीवरी करता था।
ये किए गए गिरफ्तार 
पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना फरहान बेग को गिरफ़्तार किया, वह मीर जुम्मा गली, नई बस्ती, कोतवाली का रहने वाला है। उसके साथ महेंद्र कुमार उदवानी निवासी ग्वालियर-मध्यप्रदेश, नीरज राजौर निवासी नाला बूढ़ान सैय्यद-हरीपर्वत, अजय गोयल निवासी बल्केश्वर, संस्कार गुप्ता निवासी बारह भाई गली-छत्ता, प्रवेश राजपूत निवासी शेख बुलाकी-ताजगंज और राजेश भाटिया उर्फ राजा निवासी नार्थ ईदगाह कॉलोनी को गिरफ़्तार किया गया।
कुछ और गिरफ्तारियां जल्द 
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के आधार पर विवेचना में कई अन्य नाम शामिल किए हैं। उनकी जल्द गिरफ़्तारी की जाएगी। गैंग के सरगना फरहान बेग से पूछताछ से कई अहम जानकारियां मिली हैं। जिनके इनपुट पर पुलिस भविष्य में बड़ा खुलासा कर सकती है।
थिनर लगाने के बाद कर देते थे नई पैकिंग
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि पकड़े गए गैंग के सदस्यों से पुलिस ने एक-एक कर पूछताछ की तो पता चला कि मास्टरमाइंड फरहान बेग मिलट्री और डिफेंस में दवाइयों की सप्लाई के दौरान सेंधमारी के काम को अंजाम देता था। धोखाधड़ी कर बड़ी मात्रा में दवाएं चोरी की जाती थीं। उन दवाओं पर लिखे नॉट फ़ॉर सेल की चेतावनी को थिनर की सहायता से मिटाकर डाई की सहायता से मैन्युफैक्चरिंग की तारीख को हटा कर नई पैकेजिंग कर मन-माफ़िक दाम डाल देते थे। जिनकी पहचान करना आम लोगों के लिए बहुत मुश्किल है। 
सभी के विरुद्ध होगी गैंगस्टर की कार्रवाई
इनसे मिलट्री और डिफेंस में इस्तेमाल की जाने वाली 40 लाख रुपये की जीवनरक्षक दवाएं बरामद हुई हैं। इसके अलावा पैकिंग संबंधी वस्तुएं, नौ मोबाइल फोन, दो चाकू, एक कार और 16,300 रुपये बरामद हुए। इन सभी के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
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