नहीं लगाने होंगे एडीए के चक्कर, मोबाइल फोन, लैपटॉप तथा कम्प्यूटर सिस्टम पर ही सुविधाएं और समस्याओं का निदान
आगरा, 31 जनवरी। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने आवंटियों को कई प्रकार की सुविधाएं देने के लिए ईआरपी सॉफ्टवेयर तैयार कराया है, जिसका शुभारंभ मंडलायुक्त ऋतु माहेश्वरी ने बुधवार को किया। यह ईआरपी प्राधिकरण को आवंटियों, किरायेदारों व प्लॉट ले-आउट आदि के डिजिटलीकरण और प्रबन्धन में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा।
इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से आवंटी को अपने मोबाइल फोन, लैपटाप तथा कम्प्यूटर सिस्टम पर हिसाब देखने की सुविधा प्रदान की गई है। यह सॉफ्टवेयर सिस्टम लॉगिन आधारित है प्रत्येक आंवटी अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर ओटीपी द्वारा लॉगिन कर अपनी सम्पत्ति का लेखा देख सकता है। अन्य कोई व्यक्ति उसकी सम्पत्ति से सम्बन्धित कोई सूचना प्राप्त नहीं कर सकता है।
यदि आवंटी का मोबाइल नम्बर रजिस्टर्ड नहीं है तो वह मोबाइल रजिस्ट्रेशन फार्म, जोकि ऑनलाइन उपलब्ध है को भरकर मोबाइल नम्बर रजिस्टर्ड करने हेतु आवेदन कर सकता है। इस फार्म के साथ उसे आवंटन पत्र व आईडी संलग्न करनी होगी। सम्पत्ति आधिकारी द्वारा आवेदन पत्र व संलग्न प्रपत्रों के सत्यापन उपरान्त मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड कर दिया जायेगा। आंवटी अपना भुगतान घर बैठे ही कर सकेंगे। इससें किसी भी आवंटी को किस्त जमा कराने हेतु प्राधिकरण आने की आवश्यकता नहीं होगी।
यदि कोई व्यक्ति नई सम्पत्ति लेना चाहता है तो सभी रिक्त सम्पतियों की जानकरी वह घर बैठकर देख सकता है एवं ई-ऑक्शन के माध्यम से क्रय किया जा सकता है।
प्राधिकरण को मिलने वाले लाभ यथा- सम्पत्ति अनुभाग को बकायेदारों की सम्पूर्ण सूची एक क्लिक पर उपलब्ध होगी तथा बकायेदारों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर एसएमएस भेजे जाने की भी सुविधा इस नवीन सॉफ्टवेयर में उपलब्ध करायी गई है। अब प्राधिकरण की योजनाओं के अन्तर्गत सम्पत्ति का विवरण व आवंटन पत्र, रजिस्ट्री प्रपत्र विभाग को एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। प्राधिकरण की रिक्त सम्पत्तियों का विवरण अब सुगमता से ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।
बकायेदारों की सूची एक निश्चित धनराशि से अधिक बकाया के आधार पर भी उपलब्ध होगी, जिससे प्राधिकरण को राजस्व वसूली में काफी सुगमता होगी। प्राधिकरण को समायोजित सम्पत्तियों का विवरण भी एक क्लिक में उपलब्ध होगा। जिन सम्पत्तियों का आवंटन किसी कारणवश नहीं किया जा पा रहा है ऐसी विवादित सम्पत्तियों को भी चिन्हित किया गया है।
ऐसी सम्पत्तियों जिनका पूर्ण भुगतान हो चुका है परन्तु अभी तक आवंटी द्वारा रजिस्ट्री नहीं करायी गयी है का भी वर्गीकरण किया गया है एवं एसएमएस के माध्यम से उन्हे सूचित कर रजिस्ट्री की कार्यवाही पूर्ण की जायेगी। आवंटित सम्पत्तियों के प्रकार जैसे HIG, MIG, MMIG, LIG, EWS भवन एवं भूखण्ड के अनुसार भी सम्पत्तियों का वर्गीकरण किया गया है। प्रतिदिन की वसूली रिपोर्ट भी देखी जा सकती है। नये आवंटियों को ई-ऑक्शन के पश्चात् आवंटन पत्र इसी सॉफ्टवेयर से जारी किये जायेंगे। ऐसी ही अन्य अनेक सुविधाएं इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपलब्ध कराई जायेंगी।
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