दुर्घटनाओं की वजह रहे "कामायनी-कट" को खोलने से पहले करें ट्रैफिक डिजायन
आगरा, 29 सितंबर। शहर के विकास और सामाजिक सरोकारों से प्रमुखता से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सक डा संजय चतुर्वेदी ने मंडलायुक्त को भेजे पत्र में बाईपास पर "कामायनी-कट" को खोले जाने के निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कुछ पहलुओं पर विचार का अनुरोध किया है।
डा चतुर्वेदी का कहना है कि इस कट को वर्ष 2017 में राष्ट्रीय राजमार्ग और जिला स्तरीय समिति ने बंद करने की सिफारिश की थी। इसका कारण था कि इस कट के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही थीं और उल्टी तरफ़ चलने वाले वाहनों की समस्या थी। वर्ष 2019 में इस तिराहे पर एक भयंकर दुर्घटना भी हुई थी।
इस कट को बंद करने के बाद से ही स्थानीय लोगों द्वारा इसे खोलने की मांग की जा रही थी। हालांकि, पिछली दुर्घटनाओं को देखते हुए इसे खोलना उचित नहीं समझा गया। बीच में डीसीपी अरुण चंद्र ने दो माह का ट्राइयल करने की बात की थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। अब इस कट को खोलने का कारण गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने चौराहे पर जाम लगने की समस्या है। हालांकि, मेरा मानना है कि यह कहना सही नहीं है कि जाम का कारण ट्रैफ़िक का दबाव है। जाम का मुख्य कारण ट्रैफ़िक का सही प्रकार से संचालन न होना है।
पत्र में कहा गया है कि यदि कट खोलने और बंद करने का निर्णय लेना हो, तो किसी ट्रैफ़िक डिज़ाइनर की और जिला स्तर में संस्तुति के बाद लिया जाना ही उचित है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि इस निर्णय को क्रियान्वयन से पहले सही ट्रैफ़िक का संचालन करके गुरु के ताल पर परेशानी को दूर कर लिया जाए। इसके बाद फिर से एक बार दुबारा ब्लैक स्पॉट की फ़ोरेंसिक और वर्ष 2020 से पहले की गई संस्तुति, वैकल्पिक रास्ते और सही ट्रैफ़िक डिज़ाइन को ध्यान में रख कर निर्णय लिया जाए।
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