देश भर के रागी जत्थे, धर्म प्रचारक, कविजन होंगे शामिल, गुरुद्वारा गुरु का ताल का 36वाँ सालाना गुरमत समागम एक अक्टूबर से

आगरा, 30 सितंबर। गुरुद्वारा गुरु का ताल में एक से तीन अक्टूबर तक गुरमत समागम शुरू होने जा रहा है। गुरुद्वारा गुरु का ताल की सबसे पहले सेवा संभालने वाले और पाठ, शबद कीर्तन के माध्यम से इस स्थान को ऊंचाइयां देने वाले संत बाबा साधू सिंह मोनी और संत बाबा निरंजन सिंह की याद में यह समागम 35 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है।
शनिवार को गुरुद्वारा गुरु का ताल के मीटिंग हॉल में इस गुरमत समागम की पत्रिका का विमोचन गुरुद्वारा गुरु का ताल के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह ने किया।इस पत्रिका में संपूर्ण समागम की जानकारी के साथ-साथ गुरुद्वारा गुरु का ताल व संत बाबा साधू सिंह मोनी और संत बाबा निरंजन सिंह का संक्षिप्त इतिहास व इस गुरुद्वारे को भव्यता देने में किए गए योगदान का उल्लेख किया गया है।
बाबा प्रीतम सिंह ने बताया कि इस गुरमत समागम में देशभर से अनेक रागी जत्थे, धर्म प्रचारक, कथावाचक विभिन्न गुरुद्वारों सिख संस्थाओं के मुखी, प्रधान, जत्थेदार के साथ-साथ अनेक डाढ़ी जत्थे और कविजन आ रहे हैं, जो अपनी वाणी से संगत को गुरु जस सुना कर निहाल करेंगे।
एक अक्टूबर रात्रि से यह समागम शुरू होगा और दो अक्टूबर को सुबह से रात्रि तक चलेगा। तीन अक्टूबर को दोपहर इस समागम का समापन होगा। समागम में आने वाली संगत के लिए रुकने की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। समागम में केवल आगरा ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के साथ-साथ पीलीभीत, शाहजहांपुर, सितारगंज व पंजाब की भी विभिन्न हिस्सों से विशेष संगत प्रतिवर्ष यहां पहुंचती है।
पत्रिका विमोचन के दौरान श्री गुरु सिंह सभा माईथान के प्रधान कमलदीप सिंह, सुखमनी सेवा सभा के वीर महेंद्र पाल सिंह, चढ़दीकला सिख सेवक सोसाइटी के दलजीत सिंह सेतिया, उपेंद्र सिंह लवली, राजू सलूजा नरेंद्र सिंह खनूजा, पाली सेठी, शेर सिंह, रामगढ़िया  एसोसिएशन के प्रधान बलजिंदर सिंह व गुरुद्वारे के मुख्य सेवादार मौजूद रहे।
_______________________________

ख़बर शेयर करें :

Post a Comment

0 Comments