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आगरा, 29 अप्रैल। आगरा विकास प्राधिकरण की टीम ने शनिवार को ताजगंज वार्ड में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की। दो स्थानों पर स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य मिलने पर उन्हें सील कर दिया गया।
ताजगंज वार्ड के अंतर्गत ताजनगरी फेस वन में एचआईजी 31 पर श्रीकृष्ण पाल सिंह द्वारा मानचित्र के विपरीत कार्य कराया जा रहा था। एडीए की टीम ने अवैध निर्माण को सील कर नोटिस चस्पा कर दिया। वहीं ताजगंज वार्ड में ही बसई मुस्तकिल फतेहाबाद रोड पर विनोद कत्याल द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत कार्य किया जा रहा था। एडीए की टीम ने निर्माण कार्य को रुकवाकर यहां भी सील लगा दी।
शहर में अवैध निर्माण को लेकर एडीए सख्त रुख अपना रहा है। शहर में अवैध निर्माण को लेकर एडीए ने वीडियोग्राफी कराई थी। सबंधित निर्माणकर्ताओं को नोटिस भी जारी किए थे। नोटिस के बाद संतोषजनक जवाब न मिलने पर एडीए ने इस माह 12 से अधिक स्थानों पर कार्रवाई की है। लोहामंडी, हरीपर्वत, ताजगंज आदि वार्डों में सर्वाधिक अवैध निर्माणों पर कार्रवाई हुई है।
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आगरा। जिलाधिकारी ने चार मई को नगर निकाय मतदान के चलते जिले में अवकाश घोषित कर दिया है। इसके साथ ही दो मई शाम छह बजे से चार मई को मतदान समाप्ति तक और 13 मई की मतगणना से पहले 12 मई को शाम छह बजे से 13 मई रात्रि 12 बजे तक शराब की दुकानों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं।
नगर निकाय चुनाव के लिए आगरा में 4 मई को मतदान होना है। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने शनिवार को आदेश जारी कर मतदान के दिन जिले में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। इस दौरान सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय पूर्ण रूप से बंद रहेंगे।
डीएम ने 4 मई को जिले में होने वाले मतदान में सुरक्षा व्यवस्था के चलते जिले की सभी देशी और अंग्रेजी शराब की फुटकर और थोक की दुकानों को दो मई शाम 6 बजे से बंद करने के निर्देश दिए हैं। शराब की दुकानें चार मई को मतदान समाप्ति तक बंद रहेंगी।
चुनावों की मतगणना 13 मई को होनी है। ऐसे में 12 मई शाम 6 बजे से 13 मई रात्रि 12 बजे तक थोक और फुटकर शराब की दुकानें पूर्ण रूप से बंद रहेंगी। और अगर कोई आदेश की अवहेलना करता है तो उसके ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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केंद्रीय वित्त मंत्री से नेशनल चैम्बर की गुहार
आगरा। नेशनल चैम्बर ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर कोविड-19 के दौरान दिये गये अतिरिक्त ऋण राशि पर ब्याज माफी की गुहार की है।
चैम्बर अध्यक्ष राजेश गोयल ने बताया कि कोविड-19 के दौरान एमएसएमई इकाइयों को पटरी पर लाने के लिए सरकार द्वारा अतिरिक्त ऋण राशि उपलब्ध कराई गई थी। किन्तु उद्यमियों में यह भ्रम रहा कि इस अतिरिक्त ऋण पर सरकार द्वारा कोई ब्याज नहीं ली जायेगी। इस ऋण पर ब्याज लगने से एमएसएमई इकाइयां अभी तक उभर नहीं सकी हैं। एमएसएमई इकाई विकास प्रकोष्ठ के चेयरमैन संजय गोयल ने कहा कि इस अतिरिक्त राशि पर ब्याज लगने से एमएसएमई इकाइयों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है और इकाइयां मरणासन्न स्थिति में पहुंच गई हैं। अतः इन इकाइयों को जीवित रखने के लिए यह आवश्यक है कि इस अतिरिक्त ऋण राशि को ब्याज मुक्त किया जाये। इस अतिरिक्त ऋण राशि को ब्याज मुक्त करने से देश की अर्थव्यवस्था, राजस्व एवं नवीन रोजगार सृजन में वृद्धि होगी।
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