पुलिस अफसर के खिलाफ घरों के बाहर पोस्टर चिपकाए

आगरा, 30 मार्च। थाना शाहगंज क्षेत्र में कुछ घरों पर पुलिस अधिकारी के विरोध में पोस्टर चस्पा कर दिए गए। पोस्टर पर लिखा था कि क्षेत्र की एक पुश्तैनी जमीन को दबंग माफिया घेरने में लगा है। उसका साथ पुलिस भी दे रही है। हालांकि पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि लोगों के घर पर लगाए गए पोस्टर हटवा दिए गए हैं। जो आरोप लगाए गए, वह पूर्ण असत्य हैं।
शाहगंज के नरीपुरा क्षेत्र के नगला करेडू में करीब 50 से 60 घरों के बाहर एक पोस्टर चस्पा कर दिया गया था। पोस्टर पर लिखा था कि एसीपी लोहामंडी गिरीश कुमार और थाना शाहगंज पुलिस के उत्पीड़न से हम लोग पलायन को मजबूर हुए। नोट में लिखा गया है कि प्रशासन द्वारा प्राचीन मंदिर नगला कडेरू पर कब्जा करने का ठेका लिया। 
क्षेत्र में पोस्टर चस्पा होने के बाद हड़कंप मच गया। क्षेत्रीय पुलिस को जैसे ही इस मामले की जानकारी मिली उन्होंने किसी व्यक्ति को भेजकर पोस्टर हटाने की बात कही।
नगला करेडू के क्षेत्रीय निवासी ने बताया कि कई साल पहले यहां पर करेडु राम रहते थे। जिन्होंने करीब 325 वर्ग गज जमीन ग्राम पंचायत को दान दे दी और कहा कि इस जमीन की देखभाल मेरे परिवार के लोग करेंगे। अगर इसे बेचने की कोशिश करते हैं, तो यह कानूनन गलत होगा। जहां पर उनके ही नाम से एक मंदिर बनाया गया। लेकिन कुछ समय पहले उनके नातियों ने अवैध रूप से कागज तैयार कर इस जमीन को बेचने की तैयारी शुरू कर दी।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र का ही एक भू-माफिया धर्मेंद्र सागर इस जमीन को अवैध रूप से बेचने की फिराक में जुड़ा हुआ है। जिसने थाना शाहगंज पुलिस और एसीपी लोहामंडी को अपने षड्यंत्र में मिला लिया। जब लोगों ने इस बात का विरोध किया तो पुलिस द्वारा कई लोगों को करीब साढ़े तीन महीने पहले पाबंद कर दिया गया। वहीं विगत रात भी करीब 32 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिसके बाद लोगों पोस्टर लगाने का कदम उठाया।
इस बारे में एसीपी लोहामंडी गिरीश कुमार का कहना है कि जमीन के मामले को लेकर कुछ लोगों में विवाद हो रहा था। ऐसे में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए दोनों तरफ के लोगों के ऊपर पाबंद की कार्रवाई की गई थी। जमीन घेरने व अन्य तरह के आरोप निराधार हैं।
____________________

ख़बर शेयर करें :

Post a Comment

0 Comments