आगरा में 62 कॉलोनियों पर कार्रवाई की तलवार!
आगरा, 22 फरवरी। आगरा विकास प्राधिकरण की सीमा में विकसित 62 कॉलोनियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर एडीए और प्रदूषण विभाग इन कॉलोनियों में सीवेज निस्तारण व्यवस्था (एसटीपी) को लेकर सर्वे कर रहा है। जिन कॉलोनियों में एसटीपी निर्मित नहीं हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एडीए की सीमा में बरौली अहीर, रजरई समेत अन्य स्थानों पर 62 कॉलोनियों में सीवेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था न होने के सबंध में एनजीटी द्वारा देवांशु बोस बनाम आगरा विकास प्राधिकरण एवं अन्य मामले में आदेश दिए गए थे। विकासकर्ताओं को 28 फरवरी तक समय दिया गया है कि इन कॉलोनियों में एसटीपी निर्माण हर हाल में शुरू हो जाना चाहिए। साथ ही प्रदूषण विभाग और एडीए से भी रिपोर्ट मांगी है कि सर्वे कर अवगत कराएं कि इन कॉलोनियों में भवनों संख्या को लेकर एसटीपी निर्माण की क्या स्थिति है। इस क्रम में पिछले दो दिन से एडीए और प्रदूषण विभाग की टीमें कॉलोनियों का सर्वे कर रहीं हैं। निजी विकासकर्ताओं को नोटिस जारी करते हुए कहा गया कि जिन विकासकर्ताओं ने एसटीपी का कार्य वर्तमान तक नहीं कराया है तो वे यह कार्य शुरू करा दें।
स्थलीय निरीक्षण में कॉलोनी में अध्यासित भवनों की संख्या तथा उनमें सीवेज निस्तारण की क्या व्यवस्था है, इसका विस्तार से सर्वेक्षण किया जा रहा है। एसटीपी निर्मित हैं अथवा नहीं, यदि नहीं हैं तो जल्द स्थापित करने के लिए विकासकर्ताओं का कहा जा रहा है। इसी 28 फरवरी तक एडीए और प्रदूषण विभाग की टीमें को यह रिपोर्ट एनजीटी को भेजनी है। अब तक कुल 18 कॉलोनियों का सर्वे हो चुका है। सर्वे टीमों द्वारा चेतावनी दी जा रही है कि निजी विकासकर्ता समुचित क्षमता के एसटीपी स्थापित कराएं, अन्यथा की स्थिति में उनके विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।
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