आगरा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. मुख्तार सिंह का निधन
आगरा, 26 दिसम्बर। आगरा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. मुख्तार सिंह का आज दोपहर निधन हो गया। वे लगभग 82 वर्ष के थे और कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। वे आजीवन अविवाहित रहे।
बताते हैं कि शास्त्रीपुरम स्थित निवास पर उन्हें आज सोमवार की सुबह चार बजे दिल में दर्द हुआ था। उसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मुख्तयार सिंह इगलास तहसील के रहने वाले थे। उन्होंने आगरा कॉलेज से ही एमएससी की परीक्षा पास की थी। इसके बाद पीएचडी एवं डीएससी भी आगरा कॉलेज से ही की थी। उनके डेढ़ सौ से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।
केमिस्ट्री के प्रोफेसर रहे डॉ. मुख्तार सिंह ने अपने प्राचार्य काल में आगरा कॉलेज की छवि सुधार दी थी। वे जुलाई 1990 से जून 2001 तक आगरा कॉलेज के प्राचार्य रहे थे। इससे पहले वर्ष 1985 में भी तीन माह के लिए उन्हें कार्यवाहक प्राचार्य बनाया गया था। उन्हें आगरा कॉलेज में अनुशासित बनाने के लिए याद किया जाता है। एक समय था जब आगरा कॉलेज का माहौल अच्छा नहीं था लेकिन डॉ. मुख्तार सिंह के प्राचार्य बनने के बाद आगरा कॉलेज में सख्ती के साथ अनुशासन का माहौल बन गया था। आगरा कॉलेज के साथ ही राजा की मंडी बाजार में भी डॉ. मुख्तार सिंह को देखते हुए सन्नाटा छा जाता था। कोई भी छात्र-छात्राएं बाजार में घूमते दिखाई नहीं देते थे।
डॉ मुख्तार सिंह के असामयिक निधन पर आगरा कॉलेज में एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें प्राचार्य डॉ अनुराग शुक्ला ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय डॉ मुख्तार सिंह शिक्षा जगत की एक महान विभूति थे। उनकी कमी को शिक्षा जगत में कभी भी पूर्ण नहीं किया जा सकता। इस अवसर पर रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं पूर्व प्राचार्य डॉ मनोज रावत, मुख्य प्रशासक डॉ अमित अग्रवाल, डॉ के पी तिवारी, डॉ आनंद पांडे, डॉ, विनोद कुमार, डा अमित चौधरी, डा उमेश शुक्ला, डॉ चंद्रवीर सिंह, डॉ भूपेंद्र सिंह, डा शैलेंद्र सिंह, डा केशव सिंह, चेतन गौतम आदि उपस्थित रहे।
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