सैंकड़ों गांवों में घुसा चंबल नदी का पानी, बाढ़ ने तोड़ा 26 साल का रिकार्ड
आगरा, 25 अगस्त। उत्तर प्रदेश की सीमा पर बह रही चंबल नदी जबरदस्त उफान पर है। नदी के जलस्तर ने 26 साल पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है। जिले की बाह तहसील के पिनाहट क्षेत्र में घर पानी में डूब गए हैं। पड़ोसी जिले धाैलपुर में चंबल खतरे के निशान से 15 मीटर ऊपर 146 मीटर पर बह रही है। नदी किनारे बसे करीब सवा सौ गांवाें में बाढ़ का पानी घुस चुका है। सेना और एनडीआरएफ की टीमें आबादी वाले इलाकाें में राहत कार्य में जुटी हैं।
पिछले एक सप्ताह से मध्यप्रदेश और राजस्थान में लगातार बारिश हो रही है और बांधाें से चंबल नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। हाड़ौती में अधिक वर्षा होने के कारण कोटा बांध जैसे कई बांधाें के फाटक खाेल दिए गए हैं। धाैलपुर में बुधवार रात को चंबल नदी में पानी के बढ़े जलस्तर ने 26 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। वर्ष 1996 में भी धौलपुर में बाढ़ आयी थी और नदी के पानी ने किसानों की फसल में तबाही मचा दी थी।
आगरा में बाह के पिनाहट घाट पर भी तेजी से चंबल का जलस्तर बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह छह बजे जल स्तर 135.40 मीटर पर पहुंच गया। यहां खतरे के निशान से चंबल नदी पांच मीटर ऊपर बह रही है।
बाढ़ के हालात को देखते हुए बाह के सात गांवों के लिए स्टीमरों की व्यवस्था की गई है। रानीपुरा, भटपुरा, गोहरा गावों के लिए खेड़ा राठौर पर एक स्टीमर की व्यवस्था की गई है। पुरा भगवान के लिए गांव की पुलिया के निकट, झरनापुरा और कुंअर खेड़ा के लिए हरलालपुरा गांव के पास स्टीमर लगाया गया है। गुढ़ा गांव के ग्रामीणों के लिए सिमराई गांव के पास आवागमन के लिए नाव व स्टीमर की व्यवस्था की गई है। स्टीमराें के जरिए बचाव कार्य किया जा रहा है। यही नहीं, पिनाहट क्षेत्र में बाढ़ में घिरे रानीपुरा, गोहरा, भटपुरा, गुढ़ा गांव की बिजली काट दी गई है।
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