पांच पुलिसजनों का हो रहा पॉलीग्राफी टेस्ट
एसपी क्राइम ऑफिस से विभागीय जांच की फाइल चोरी के खुलासे की कवायद
आगरा, 27 जुलाई। एसपी क्राइम ऑफिस से पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की फाइल चोरी के खुलासे के लिए दो निरीक्षक, एक दरोगा और दो सिपाहियों को पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। प्राथमिक टेस्ट लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में हो चुका है। जल्द ही दूसरा टेस्ट कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि एक साल बाद भी इस चोरी का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस लाइन स्थित एसपी क्राइम के कार्यालय में एक साल पहले निरीक्षक भोलू राम भाटी और सब इंस्पेक्टर सीमा रावल के खिलाफ विभागीय जांच हो रही थी। दोनों पर थाना अछनेरा में तैनाती के दौरान घूसखोरी के आरोप लगे थे। इसकी जांच की फाइल एसपी क्राइम के कार्यालय में रखी हुई थी। फाइल में बयान से लेकर ऑडियो रिकॉर्डिंग की सीडी भी थी। दो मार्च, 2021 को फाइल कार्यालय से चोरी हो गई थी।
इस मामले में थाना शाहगंज में चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ। वादी कार्यालय में तैनात हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह थे। तत्कालीन एसएसपी ने विवेचना के निर्देश दिए। कार्यालय में हेड कांस्टेबल जितेंद्र के अलावा सिपाही प्रमोद कुमार भी तैनात थे। थाना पुलिस ने दोनों के बयान लिए। तत्कालीन एसएसपी ने घूसखोरी प्रकरण की फिर से जांच कराई। एक और फाइल तैयार की गई। इस बार जांच एसपी प्रोटोकॉल को दे दी गई।
फाइल चोरी का मामला एसपी पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता के पास भेजा गया। उन्होंने निरीक्षक भोलूराम भाटी, निरीक्षक संजीव तोमर, एसआई सीमा रावल, हेड कांस्टेबल सीमा रावल और प्रमोद कुमार को बुलाया। उनके बयान दर्ज किए। मगर, फाइल कहां गई और किसने चोरी की। यह आज तक पता नहीं चल सका।
मामले की विवेचना थाना शाहगंज पुलिस कर रही है। थाना प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह सिरोही ने बताया कि विभागीय फाइलचोरी के पर्दाफाश के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया था। अब एक और टेस्ट होना है। इसकी जो रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पॉलीग्राफी टेस्ट?
कोई व्यक्ति झूठ बोल रहा है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए पॉलीग्राफी टेस्ट किया जाता है। यह टेस्ट करने के लिए एक मशीन का प्रयोग किया जाता है। यह ऐसी मशीन है जो शरीर में आने वाले बदलावों को दर्ज करती है और बताती है कि व्यक्ति सच बोल रहा है या नहीं।
बदलावों में सवाल-जवाब के दौरान व्यक्ति की हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर घटने-बढ़ने को दर्ज किया जाता है। सांस लेने की प्रक्रिया में बदलाव आना और पसीना आने पर नजर रहती है। माना जाता है कि जब कोई व्यक्ति झूठ बोलता है तो उसको डर और घबराहट होती है। मशीन इसी को रिकार्ड करती है।
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