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"चांदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसे बाल"
हुनर हाट के मंच पर गजल सम्राट पंकज उधास गायकी पर झूमे दर्शक
आगरा, 25 मई। शिल्पग्राम में चल रही हुनर हाट में आज रात्रि ग़ज़ल सम्राट पंकज उधास ने ऐसे सुर लगाए कि पंडाल में मौजूद हर एक दर्शक उनकी गायकी से मंत्रमुग्ध हो गया। "चांदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसे बाल, एक तू ही धनवान है गोरी बाक़ी सब कंगाल" ग़ज़ल ने भरपूर दाद बटोरी।
सिलसिला शुरू हुआ तो रफ़्ता-रफ़्ता बुलंदी की ओर बढ़ता चला गया। "निकलो न बेनक़ाब ज़माना ख़राब है" "थोड़ी थोड़ी पिया करो" और "एक वो भी था ज़माना" को लोगों ने खूब पसंद किया। इस सुरीले सफ़र में बात शुरू तो हुई थी ग़ज़ल गायकी से लेकिन बाद में दर्शकों की फरमाइश पर फिल्मी गीतों की तरफ उन्होंने रुख किया। मोहरा फिल्म का मशहूर गाना "न कजरे की धार न मोतियों का हार" और साजन फिल्म का गाना "जिएं तो जिएं कैसे बिन आपके" ने ऐसा समां बांधा कि लोगों ने हर लाइन पर दाद दी। आखिरी में पंकज उधास ने जब "चिट्ठी आई है" को जब गाया तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
पंकज उधास से पहले सिंगर भूमिका मलिक और रीत मिश्रा ने भी अपनी गायकी का असर छोड़ा और जमकर माहौल बनाया। भूमिका मलिक ने कई शानदार गाने गाए। "घाघरा" "गुलाबी आँखें" "पिया तू अब तो आजा" और "सजना री वारी वारी" पर दर्शक झूमते दिखे। इसके अलावा उन्होंने "काला चश्मा" "बिल्लो रानी" और अन्य तेज़ धुन के गाने गाए।
सिंगर रीत मिश्रा ने भी अपनी गायकी से लोगों का खूब मनोरंजन किया। रीत ने एक से बढ़के एक कई गाने बेहतरीन अंदाज़ में गाए।
शिल्पग्राम में चल रहा 41वाँ हुनर हाट "कचरा प्रबंधन" की मिसाल पेश कर रहा है। यहाँ कूड़े और कचरे से हर दिन खाद बनाई जा रही है और वो खाद हुनर हाट में आने वाले लोगों को मुफ्त में बाँटी जा रही है। इससे हुनर हाट का कूड़ा-कचरा हुनर हाट में ही खत्म किया जा रहा है। लोग इस खाद को अपने साथ ले जा रहे हैं। वो इसे घर के गमलों और बगीचे में इस कम्पोस्ट खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं। यही नहीं, स्टॉलों पर सामान खरीदने वालों को जो थैले दिए जा रहे हैं, वे भी ऐसे मटेरियल के हैं जो री-साइकिल की जा सकती है। यानी सिंगल यूज प्लास्टिक नहीं रखी गई है।
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व्यापार मंडल ने अतिक्रमण अभियान को सराहा
आगरा, 25 मई। अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर प्रशासन के सख्त रुख को देखते हुए व्यापारी बैकफुट पर आ गए हैं। आगरा व्यापार मंडल ने अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि आज अभियान के दौरान अधिकारियों का रवैया सहयोगात्मक था। कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं की गयी, केवल एक प्लास्टिक विक्रेता के यहाँ से प्लास्टिक बरामद होने पर जुर्माना वसूला गया। उसके लिये प्रशासन को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
व्यापार मंडल ने कहा कि जिनके पक्के छज्जे शटर के ऊपर थे, उन्हें हटाया गया है जो कि पहले से तय था कि फोल्डिंग पर्दे को जरूरत पर सीमित खोलें फिर बंद कर दें।
आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टी एन अग्रवाल ने सभी दुकानदारों से अपील की कि दुकानों के बाहर कोई भी किसी तरह का माल न रखें। नालियों के ऊपर लगने वाले फोल्डिंग लोहे के स्टैंडों को केवल उतरने, चढ़ने के लिये इस्तेमाल करें। शटर के ऊपर फोल्डिंग पर्दे को सीमित खोलें। दुकानों के बाहर कम से कम जगह में वाहन लगायें।
अपील करने वालों में महामंत्री कन्हैया लाल राठौड़, कोषाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी जय पुरसनानी, उपाध्यक्ष अशोक मंगवानी, मंत्री संदीप गुप्ता, राकेश बंसल, राजेश अग्रवाल शामिल हैं।
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डेयरी व्यापारी को कार में लिफ्ट देकर लूटा
आगरा। थाना ताजगंज क्षेत्र में शमसाबाद मार्ग पर डेयरी व्यापारी को कार में लिफ्ट देकर बदमाश 52 हजार रुपये, मोबाइल फोन व अन्य सामान लूट ले गए। उन्होंने व्यापारी को चलती गाड़ी से फेंक दिया।
पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया है। घटना के पांच दिन बाद भी आरोपियों का सुराग नहीं लग सका है। देवेंद्र सेठी शमसाबाद के मोहल्ला गोपालपुरा में रहते हैं। उनकी पावन धाम कालोनी, ताजगंज में डेयरी है। वे 18 मई की रात को दुकान बंद करके कहरई मोड़ पर ऑटो की प्रतीक्षा कर रहे थे। तभी एक अल्टो कार आई। उसमें चालक सहित चार लोग थे। चालक सवारियां भरने के लिए आवाज लगाने लगा। उनके पास आकर जाने के बारे में पूछा। शमसाबाद जाने के बारे में बताने पर कार में बैठा लिया और कहा कि वे सरकारी कर्मचारी हैं। किराया पूछने पर कहा कि जितना हो, उतना दे देना। सौ मीटर आगे निकलते ही चालक ने कहा कि पुलिस की चेकिंग हो रही है। यह गाड़ी सरकारी है। अपना पैसा निकाल लो। वर्ना जब्त हो जाएंगे। देवेंद्र के पास दुकान की बिक्री के 52 हजार रुपये थे।नउन्होंने इस बारे में बता दिया। यह सुनते ही चारों ने उन्हें पकड़ लिया। मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद रुपये, चाबी, टिफिन, डोलची में दो लीटर दूध, एक बैग, जिसमें आईपैड और मोबाइल रखा था, छीन लिए। इसके बाद चलती गाड़ी से धक्का दे दिया। इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम पर दी। इस पर पीआरवी आ गई। मगर, रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
पीड़ित ने तीन दिन पहले एसपी सिटी से शिकायत की। इस पर थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पीड़ित का कहना है कि लुटेरों का अब तक सुराग नहीं लग सका है। थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र कुमार का कहना है कि विवेचना की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे।
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ताजमहल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका
आगरा। नेशनल चैंबर आफ इंडस्ट्रीज एंड कामर्स के प्राकृतिक गैस सेल के पूर्व में चेयरमैन रहे अरुण गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीजेड) में गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों की स्थिति स्पष्ट करने व 30 दिसंबर, 1996 के टीटीजेड में नई इकाइयों की स्थापना व पुरानी के विस्तार पर रोक के आदेश को प्रभावी रूप से लागू कराने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित विभागों को नोटिस जारी किए हैं। इससे क्षेत्र के प्रदूषणकारी उद्योगों पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराते नजर रहे हैं।
अरुण गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में 25 अप्रैल को इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 13 मई को हुई सुनवाई में इसे स्वीकार कर लिया। इसे एमसी मेहता बनाम यूनियन आफ इंडिया वाद में क्लब किया गया है। याची ने सुप्रीम कोर्ट के 29 जनवरी, 2021 के आदेश को संशोधित व स्पष्ट करने की मांग की है। यह आदेश राज्य सरकार के छह दिसंबर, 2019 व आठ दिसंबर, 2021 के आदेश को स्पष्ट करने की मांग पर किया गया था। 29 जनवरी को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए आदेश में प्रयुक्त मैक्रो शब्द काे मीडियम शब्द के रूप में स्पष्ट किया जाए।
लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने 29 सितंबर, 2006 के नोटिफिकेशन में मैक्रो शब्द को मीडियम के रूप में प्रयोग किया है। राज्य सरकार ने नोन-पोल्यूटिंग इंडस्ट्रीज का आशय ऐसी इकाइयों से मानने को कहा था जिनमें सभी पर्यावरण नियमों व मानकों का अनुपालन किया जा रहा है। इसके साथ ही ईको-फ्रेंडली इकाइयों का आशय ऐसी इकाइयों से मानने को कहा था, जिनमें प्राकृतिक गैस का उपयोग किया जा रहा हो। इसे याची ने 30 दिसंबर, 1996 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ बताया है।
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विदेश जाने वाले 90 दिन बाद लगवाएं कोरोना वैक्सीन की एहतियाती डोज
आगरा। विदेश जाने वाले लोगों को अब कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए एहतियाती डोज लगवाने के लिए नौ माह का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब ऐसे लोग दूसरी डोज लगने के 90 दिन बाद ही कोविड रोधी टीके की एहितयाती डोज लगवा सकेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें इस संबध में राज्य से निर्देश मिल गए हैं और इसे जनपद में शुरू भी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण से बचाव के लिए कोविड टीकाकरण कराना आवश्यक है, इसे जरूर लगवाएं।
वीजा, एयर टिकट, अंतर्राष्ट्रीय यात्रा पर जाने के वास्तविक कारण की पुष्टि होने के बाद 90 दिन बाद एहतियाती डोज लगा दी जाएगी। इसके लिए कोविन पोर्टल पर वीजा, एअर टिकट, अंतर्राष्ट्रीय यात्रा पर जाने से संबधी कोई भी दस्तावेज अपलोड करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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