पुलिस चौकी में नौकरानी को थर्ड डिग्री!

करंट लगाया, पैरों के तलवों पर बरसाए डंडे
आगरा, 28 मई। शहर की एक पुलिस चौकी में चोरी के आरोप में घरेलू नौकरानी पर थर्ड डिग्री इस्तेमाल किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता का कहना है कि उसे मच्छर मारने वाले रैकेट से करंट दिया गया। महिला कांस्टेबल ने उसके पैरों के तलवों पर डंडों से मारा। 
यह मामला थाना ताजगंज की तोरा चौकी का बताया जा रहा है। आरोप है कि नौकरानी को चोरी के आरोप में पहले मालकिन, उसके पति और भाई ने बेरहमी से पीटा। उससे कुछ माल बरामद नहीं हुआ तो पुलिस को बुलवा लिया। पुलिस ने चौकी पर ले जाकर उसे हद दर्जे की यातनाएं दीं। पीड़िता अपने माता-पिता के साथ अपनी बेगुनाही का सबूत देते फिर रही है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही। शुक्रवार को क्षेत्राधिकारी राजीव कुमार ने उसे फिर बुलाया। घंटों इंतजार करने के बाद भी सीओ साहब नहीं पहुंचे।
घटनाक्रम के अनुसार, तोरा कुआं खेड़ा की रहने वाली सुनीता डायनामिक गुलमोहर सोसाइटी में सोना पत्नी सतीश सिंह के घर पर पिछले छह साल से झाड़ू-पोछे का काम करती थी। तबियत खराब होने के कारण उसने एक माह पूर्व काम छोड़ दिया था। सोना के कहने पर विगत आठ मई को सुनीता ने अपनी बेटी मुस्कान को उसके घर काम करने भेज दिया। आठ से 12 मई तक मुस्कान ने सोना के घर काम किया। मुस्कान के पिता पवन ने बताया कि 13 मई को उसके पास सोना का फोन आया और कहा कि मुस्कान घर से सोने के जेवरात चुराकर ले आई है, उसे घर भेज दो। मुस्कान अपनी मां सुनीता के साथ सोना के घर पहुंच गई। मुस्कान ने बताया कि उसने कोई चोरी नहीं की है, लेकिन इसके बावजूद भी उसे बेरहमी से पीटा गया। पुलिस ने भी उसके साथ बर्बरता दिखाई।
तोरा पुलिस चौकी पर मुस्कान को करंट दिया गया। उसे लिटाकर पैरों के तलवों पर डंडे मारे गए, उसके घर की तलाशी ली गई। घर का दरवाजा बंद करके उसके भाई को पीटा गया। मुस्कान की मां आरोप है कि बिना शिकायत दर्ज किए उसकी बेटी को 24 घंटे तक चौकी में बैठाये रखा। क्षेत्राधिकारी सदर राजीव कुमार इस मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुस्कान के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इधर मुस्कान द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
मुस्कान के माता-पिता बेटी को न्याय दिलाने के लिए अफसरों की चौखट पर पिछले 15 दिनों से भटक रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। जाटव महापंचायत के धर्मपाल सिंह ने इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की है। महिला एवं बाल कल्याण आयोग को भी पत्र लिखा गया है। जानकारी होने पर पीड़ितों पर राजीनामा करने का दवाब बनाया जा रहा है।

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