देश को पीएम, राष्ट्रपति देने वाले विवि की जिम्मेदारी समझें-आनंदीबेन पटेल
आगरा, 29 मार्च। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज यहां डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्रों और छात्राओं को नसीहत देते हुए कहा कि सभी अपनी जिम्मेदारी समझें, तभी विश्वविद्यालय ऊंचाइयां छू पाएगा। इस विश्वविद्यालय ने देश को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ सुरक्षा सलाहकार भी दिए हैं, अब नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह विश्वविद्यालय में सकारात्मक माहौल बनाए रखे।
राज्यपाल विश्वविद्यालय के 87वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रही थीं। इस अवसर पर उन्होंने 169 मेधावी छात्रों को पदक प्रदान किए। समारोह में कुल 1,18,743 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गईं। पहली बार पीएचडी और डीलिट के छात्रों को मंच पर डिग्री दी गई। आवासीय इकाई के छात्रों को भी डिग्रियां दी गई। खंदारी परिसर में आयोजित इस दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में चिदानंद सरस्वती महाराज मौजूद रहे।
समारोह में केडी मेडिकल कॉलेज मथुरा की प्रिया को सर्वाधिक सात स्वर्ण मिले। दिव्या शर्मा एसबी कॉलेज अलीगढ़ को पांच स्वर्ण पदक, पीसी बागला कॉलेज हाथरस की पूजा को चार स्वर्ण पदक, एमएस डब्ल्यू इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस विवि की ज्योति वर्मा को चार स्वर्ण पदक मिले।
कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि इस बार दीक्षांत समारोह में 129 स्वर्ण पदक और 40 रजत पदक प्रदान किए गए हैं। अप्रैल माह में विश्वविद्यालय में वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। वर्ष 1927 से 2015 के सभी चार्ट 3 माह में डिजिटाइज्ड कर दिए जाएंगे।
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शहर के सबसे बड़े ऑडिटोरियम व अन्य इमारतों का लोकार्पण
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय के संस्कृति भवन, छत्रपति शिवाजी मंडपम, वनव्यू सॉफ्टवेयर, जिओ टैगिंग, डिजीलॉकर और कॉल सेंटर का लोकार्पण किया। इनमें से शिवाजी मंडपम, शहर का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम है।
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राज्यपाल ने दयालबाग में देखी प्रदर्शनी और जौ की कटाई
आगरा। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने दोपहर में दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट का भी दौरा किया। उन्होंने यहां संस्थान द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न प्रकार के कौशल आधारित नवीन उत्पादों और कार्यक्रमों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्यपाल ने कृषि क्षेत्रों की गतिविधियों को भी देखा जहाँ रबी फसल (जौ) की कटाई जोरों पर चल रही थी और सैकड़ों सतसंगी भाई-बहन, बच्चे और डीईआई के छात्र इसमें भाग ले रहे थे। डीईआई के अध्यक्ष गुर स्वरूप सूद ने दयालबाग और उसके विकास का संक्षिप्त इतिहास भी प्रस्तुत किया। निदेशक प्रो. पी.के. कालरा ने संस्थान और इसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
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