बढ़ रही है कोरोना की चौथी लहर, सरकार एलर्ट
जून-2022 में चौथी लहर आने की भविष्यवाणी
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी ने एक बार फिर दुनिया के कई देशों में प्रकोप मचाना शुरू कर दिया है। इसे कोरोना की चौथी लहर बताया जा रहा है। इस बार कोरोना के ओमीक्रोन वेरिएंट के बीए-2 सबवेरिएंट ने तबाही मचाई हुई है।
इस सबवेरिएंट के सबसे ज्यादा मामले अमेरिका और ब्रिटेन सहित एशिया और यूरोप के कई देशों में बढ़ रहे हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन से लेकर विशेषज्ञ इसे अब तक का सबसे तेजी से फैलने वाला वेरिएंट बता रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह अपने मूल रूप ओमीक्रोन की तुलना में अधिक संक्रामक है। चीन, हांगकांग से लेकर ब्राजील तक में ओमिक्रॉन और डेल्टा के मेल से बने सबवेरिएंट बीए-2 से हजारों लोग संक्रमित हैं। चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है कि यह अब सुपर वायरस बनने की राह पर है।
भारत के कई राज्यों में सबवेरिएंट बीए-2 संक्रमण की पुष्टि के बाद सरकार अलर्ट है। केंद्र सरकार ने राज्यों को एडवाइजरी जारी कर सतर्कता बरतने, पुख्ता तैयारी करने और पूर्व में जारी किए गए दिशा-निर्देश का सख्ती से पालन कराने को कहा है।
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ओमिक्रोन डेल्टा पहले के मुकाबले ज्यादा संक्रामक है, इसलिए चौथी लहर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। आईआईटी कानपुर ने देश में जून, 2022 में कोरोना की चौथी लहर आने की भविष्यवाणी की है। इसमें कहा गया है कि कोरोना की चौथी लहर चार महीने तक जारी रहेगी। यह अगस्त, 2022 में पीक पर पहुंच जाएगा।
पहले के मुकाबले कहीं अधिक संक्रामक
ओमिक्रॉन और डेल्टा के मेल से बना सबवेरिएंट बीए-2 पहले के मुकाबले कहीं अधिक संक्रामक है। यह मुख्य रूप से गले और ऊपरी श्वसन प्रणाली में होता है। यह फेफड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाता है। ओमिक्रॉन-डेल्टा बीए-2 वायरस के दो विशिष्ट लक्षण मुख्य रूप से चक्कर आना और थकान हैं। ये पाचन संबंधी समस्याएं पैदा करने के साथ ही नाक को कम और आंत को ज्यादा प्रभावित करता है। यह आरटीपीसीआर टेस्ट को भी चकमा दे सकता है।
उम्मीद यह भी, चौथी लहर कम घातक होगी
दूसरी ओर, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इससे आने वाले समय में ज्यादा लोग प्रभावित नहीं होंगे क्योंकि अधिकतर लोगों का टीकाकरण हो गया है और प्रतिरक्षा का स्तर भी बढ़ गया है। हर रोज कम हो रहे नए मामलों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस बात की काफी कम संभावना है कि ओमिक्रोन का बीए-2 सबवेरिएंट देश में संभावित कोविड-19 की चौथी लहर का कारण बन सकता है।
आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल का कहना है कि अगर चौथी लहर आती भी है तो इससे देशवासियों को बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं होगी। उनका अनुमान है कि चौथी लहर भी तीसरी लहर की तरह ही कम समय के लिए आएगी और चौथी लहर भी कम घातक होगी। इसके आगे बढ़ते हुए उन्होंने दावा किया है कि नब्बे फीसदी से अधिक भारतीयों में नेचुरल इम्युनिटी विकसित हो गई है, जिससे चौथी लहर घातक नहीं होगी। प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा है कि अभी तक के आंकड़ों के हिसाब से चौथी लहर के आने की संभावना नहीं दिखती है। प्रोफेसर अग्रवाल कोरोना की पहली, दूसरी और तीसरी लहर को लेकर अपने गणितीय सूत्र मॉडल पर अनुमान पेश करते आए हैं, जो करीब-करीब सच साबित हुए हैं।
Post a Comment
0 Comments