अभिनेता राजकुमार के व्यंग्य को भी सहजता से लिया था बॉलीवुड के गोल्डमैन ने
नहीं रहे डिस्को किंग बप्पी लहरी
लता मंगेशकर के बाद बॉलीवुड ने एक और नायाब हीरा खो दिया
obstructive sleep apnea से पीड़ित थे बप्पी दा
आगरा, 16 फरवरी। संगीतकार और बॉलीवुड को कई यादगार गाने देने वाले गायक और गोल्ड मैन के नाम से मशहूर बप्पी लहरी का आज सुबह मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। लता मंगेशकर के निधन के चंद दिनों के बाद बॉलीवुड ने एक और नायाब हीरा खो दिया।
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, बप्पी दा हेल्थ संबंधी काफी परेशानियों से जूझ रहे थे। उनका निधन ओएसए (obstructive sleep apnea) के कारण हुआ। यह नींद पूरी न होने के कारण होने वाली एक बीमारी है। इसमें नींद के दौरान सांस लेने में बार-बार रुकावट होती है। इस वजह से न सिर्फ वजन बढ़ जाता है बल्कि ब्लड में ऑक्सीजन का स्तर भी घट जाता है।
बॉलीवुड को सत्तर के दशक में डिस्को और रॉक म्यूजिक से रूबरू कराने वाले बप्पी दा ने अपने करियर में कई हिट सॉन्ग गाए। उनका 'यार बिना चैन कहां रे' हो या 'ऊ ला ला...' हर गाना ऐसा है, जो झूमने पर मजबूर कर देता है। उनके गाने सिर्फ हिंदुस्तान में संगीत प्रेमियों को नहीं, बल्कि विदेशों में भी खूब लोकप्रिय थे।
वे सिर्फ अपने गानों के लिए ही मशहूर नहीं थे, बल्कि उन्हें 'गोल्ड मैन' भी कहा जाता था। बप्पी दा गले में ढेर सारी चेन पहनते थे। उनकी इस अलग बात की हर तरफ चर्चा भी होती थी। लोग कहते थे कि वो शो ऑफ के लिए सोने की इतनी चेन पहनते हैं, लेकिन खुद बप्पी दा ने एक बार इंटरव्यू में बताया था कि वो शो ऑफ के लिए इतना सोना नहीं पहनते थे, बल्कि वो अमेरिकी पॉप स्टार एल्विस प्रेस्ली से बहुत इंस्पायर थे। एल्विस भी अपने कॉन्सर्ट में सोने की कई सारी चेन पहनते थे। एक बार सोने से लदे होने के कारण बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार ने उनका मजाक भी बनाया था। बप्पी दा की राजकुमार से पहली मुलाकात एक पार्टी के दौरान हुई थी। बप्पी लहरी इस पार्टी में भी गहने पहनकर पहुंचे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजकुमार ने उन्हें देखकर कहा था, शानदार, आपने एक से एक गहने पहने हैं सिर्फ मंगलसूत्र की कमी है, वो भी पहन लेते तो ज्यादा अच्छे दिखते। बप्पी लहरी को राजकुमार साहब की ये बात रास नहीं आई। उन्होंने बात को मजाक में ही लिया और बात को रफा-दफा कर दिया।
बप्पी लहरी का जन्म 27 नवंबर, 1952 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हुआ था। वह बंगाली ब्राह्मण परिवार से थे। लोग प्यार से उन्हें 'डिस्को किंग' भी बुलाते थे। उनका असली नाम अलोकेश था। उन्होंने महज तीन साल की उम्र से ही तबला बजाना शुरू कर दिया था। ये देखकर उनके पिता अपरेश लहरी ने उन्हें और भी गुण सिखाए। बप्पी दा ने बॉलिवुड को एक नया संगीत दिया था। उन्होंने हिंदी सिनेमा को रॉक और डिस्को म्यूजिक से रूबरू कराया था। 70-80 के दशक में उन्होंने सभी को उनके गानों पर थिरकने को मजबूर कर दिया था। बप्पी लहरी ने डिस्को डांसर, शराबी और नमक हलाल जैसी सुपरहिट फिल्मों में गाने गाए थे।
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