दुनिया हर साल खो रही है खाद्य भंडार का 1/3 हिस्सा
डीईआई में मैनिटोबा विश्वविद्यालय, कनाडा के उपाध्यक्ष प्रो. दिग्वीर सिंह जयस का व्याख्यान
आगरा, 17 फरवरी। मैनिटोबा विश्वविद्यालय, कनाडा के उपाध्यक्ष (अनुसंधान और अंतर्राष्ट्रीय) प्रो. दिग्वीर सिंह जयस का कहना है कि वर्ष 2050 तक विश्व की आबादी लगभग 10-11 बिलियन होने का अनुमान है और दूसरी तरफ इष्टतम उपयोग, भंडारण, वितरण और खाद्य प्रबंधन की कमी के कारण दुनिया हर साल खाद्य भंडार का 1/3 हिस्सा खो रही है। इस नुकसान को रोकने के लिए और प्राकृतिक संसाधनों और भोजन के अधिकतम संरक्षण के लिए, हमें डेटा और सूचना के विश्लेषण में नई क्षमताओं का विकास करना चाहिए।
प्रो. जयस आज दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट (डीईआई) द्वारा आयोजित व्याख्यान माला को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सम्बोधित कर रहे थे। डीईआई ने 'एग्रोइकोलॉजी (फरवरी 2022)' पर विशिष्ट व्याख्यान श्रृंखला (आरईआई की तत्कालीन डायमंड जुबली मेमोरियल लेक्चर सीरीज) का आयोजन किया था, जिसमें प्रो.जयस ने 'कृषि-खाद्य उद्योग में इंटरनेट ऑफ थिंग्स एंड लार्ज डेटा एनालिटिक्स' विषय पर व्याख्यान दिया।
प्रो. जयस ने कहा कि दुनिया की बढ़ती आबादी की खाद्य सुरक्षा की जरूरत को पूरा करने के लिए, उभरती हुई प्रौद्योगिकियां जैसे, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, बिग डेटा, सेंसर तकनीक आने वाले समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही हैं। डेयरी प्रबंधन और खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों का उपयोग करना भी बहुत महत्वपूर्ण है। प्रो. जयस कहाकि दयालबाग ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) द्वारा इसके बारे में सोचने और इसे अपनाने से बहुत पहले ही 'सिग्मा सिक्स क्यूवीए' पर आधारित अपने स्वयं के स्थिरता लक्ष्यों को विकसित कर लिया था।
यह विशेष व्याख्यान देश और विदेशों में डीईआई के लगभग 500 केंद्रों पर प्रसारित किया गया और इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्रो. पी.एस. सत्संगी, अध्यक्ष, शिक्षा सलाहकार समिति, डीईआई की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
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