केंद्रीय मंत्री बघेल ने करहल से अखिलेश के खिलाफ पर्चा भरा

आगरा, 31 जनवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मैनपुरी जिले की करहल विधानसभा सीट से सोमवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने नामांकन दाखिल किया। उसके कुछ देर बाद ही इसी सीट से केंद्रीय विधि व न्याय राज्य मंत्री और आगरा के सांसद प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने नामांकन दाखिल करके सभी को चौंका दिया।
माना जा रहा है कि अखिलेश यादव की करहल विधानसभा सीट कड़ी घेरेबंदी के लिये भाजपा ने प्रो. बघेल को वहां से चुनाव लड़ाने का फैसला किया है।
प्रो. एसपी सिंह बघेल उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के भटपुरा के मूल निवासी हैं। राजनीति में आने से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर के रूप में तैनात रहे बघेल वर्ष 1989 में मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सुरक्षा में शामिल हो गए थे। बघेल से प्रभावित मुलायम सिंह यादव ने उनको जलेसर सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर वर्ष 1998 में पहली बार उतारा था। एसपी सिंह बघेल ने अपने पहले ही चुनाव में जीत दर्ज की। उसके बाद दो बार सांसद चुने गए। वर्ष 2010 में बसपा ने उन्हें राज्यसभा में भेजा। साथ ही राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी दी। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थामा। गृहमंत्री अमित शाह के करीबी कहे जाने वाले प्रो. बघेल को भाजपा ने पिछड़ा वर्ग मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया। वर्ष 2014 में बघेल फिरोजाबाद लोकसभा सीट से सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव के सामने चुनाव लड़े, लेकिन चुनाव हार गए थे। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें टूंडला विधानसभा सीट से मैदान में उतारा गया। जीत हासिल कर वे सीएम योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट का हिस्सा भी बने।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में आगरा से मौजूदा सांसद रामशंकर कठेरिया का टिकट काट प्रो. बघेल को यहां से मैदान में उतारा गया था। चुनाव में विजयी रहने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार में उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया।

ख़बर शेयर करें :

Post a Comment

1 Comments

  1. अब उनके निपटारे का समय आ गया है।

    ReplyDelete