पुरुषोत्तम खण्डेलवाल के खिलाफ थमे बागियों के तेवर!!
आगरा। विधानसभा चुनावों के लिये आगरा उत्तर की सीट पर भारतीय जनता पार्टी बाधाएं दूर करने में जुटी हुई है। इन प्रयासों के फलस्वरूप शुरुआत में बगावती तेवर अपनाने वाले दावेदारों ने भाजपा प्रत्याशी पुरुषोत्तम खण्डेलवाल के साथ आना शुरू कर दिया है। भाजपा के लिए अगली चुनौती प्रतिद्वंद्वी दलों की बढ़त को रोकने और उनके वोट बैंक में सेंध लगाने की है।
गौरतलब है कि खण्डेलवाल को प्रत्याशी बनाये जाने पर सर्वाधिक विरोध अग्रवाल समाज का एक गुट कर रहा था। इस गुट ने टिकट की आकांक्षा रखने वाले दावेदारों को भी अपने साथ जोड़ लिया था। यह गुट इस सीट पर किसी अग्रवाल को ही प्रत्याशी बनाने पर जोर दे रहा था। शुरुआत में टिकट की आकांक्षा रखने वाले टी.एन अग्रवाल, मुरारीलाल गोयल, विनय अग्रवाल, उमेश कंसल, केदारनाथ अग्रवाल, अजय अग्रवाल जैसे कई लोग इस गुट के साथ खड़े नजर आए।
हालांकि पुरुषोत्तम भी वैश्य समाज से आते हैं और भारतीय जनता पार्टी के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं। इसीलिए पिछले उपचुनाव में पार्टी ने उन्हें इसी सीट से उम्मीदवार बनाया और वे विजयी भी रहे। पार्टी ने इस बार जब उन्हें पुनः प्रत्याशी बनाया तो अग्रवाल समाज के एक गुट ने हो-हल्ला शुरू कर दिया। उन्होंने खण्डेलवाल को गैर अग्रवाल बताते हुए बगावती तेवर अपना लिये। सूत्रों का दावा है कि हल्ला करने वालों में वे लोग भी शामिल थे, जिनकी कुछ मुद्दों पर पुरुषोत्तम खण्डेलवाल से नाइत्तफाकी चल रही थी। इन्हीं लोगों ने कहना शुरू किया कि पुरुषोत्तम से पहले जगन प्रसाद गर्ग पांच बार इसी सीट से विधायक रहे और उनसे पहले स्व. सत्यप्रकाश विकल का भी लम्बा कार्यकाल रहा, इसलिए इस सीट पर अग्रवालों का ही पहला हक बनता है।
अग्रवाल समाज के नाम पर बैठकों और विरोध जताने का दौर चलने लगा। इस विरोध को कुछ ऐसे भी लोगों ने हवा देने की कोशिश की जो स्वयं टिकट की चाहत रखते थे लेकिन सामने आकर विरोध नहीं करना चाहते थे। भाजपा संगठन से जुड़े नेताओं को शुरू में लग रहा था कि यह थोड़े-बहुत समय का शोर है और शीघ्र थम जायेगा, लेकिन जब शोर कुछ लम्बा खिंचा तो पार्टी के वरिष्ठ नेता सक्रिय हुए। विरोधियों में अधिकांश भाजपा से जुड़े हुए लोग थे इसलिए पहले उनकी मुश्कें कसी गईं। कुछ को कार्रवाई का भय दिखाया गया तो कुछ को पार्टी में महत्व देने का वायदा किया गया। टी.एन. अग्रवाल को तो भाजपा ब्रज क्षेत्र का पदाधिकारी भी बना दिया गया।
इस बीच अग्रवाल समाज के मुरारीलाल गोयल बसपा से टिकट पा गये। विनय अग्रवाल की आगरा दक्षिण सीट पर सपा से टिकट फाइनल हो गई। इस पर अग्रवाल समाज के लोगों ने उमेश कंसल को चुनाव लड़ने के लिए मनाना शुरू कर दिया। कुछेक लोग उनके साथ जाकर नामांकन पत्र भी खरीद लाये। लेकिन उमेश कंसल के कुछ शुभचिंतकों ने उन्हें सभी दृष्टिकोण से सोच लेने के बाद ही कोई फैसला लेने की सलाह दी। उमेश कंसल ने स्वयं भी सारी परिस्थितियों पर विचार किया और चुनाव न लड़कर पुरुषोत्तम खंडेलवाल के साथ खड़े रहने का निर्णय ले लिया।
पुरुषोत्तम खण्डेलवाल के पक्ष में एक और बात यह रही कि बसपा छोड़ने वाले मुरारीलाल गोयल भी उनके साथ आ गये हैं। दरअसल लम्बे समय तक कांग्रेस में रहे मुरारीलाल टिकट का आश्वासन मिलने पर ही बसपा में गये थे। बसपा ने उन्हें टिकट दे भी दी, लेकिन अंतिम समय पर उनकी टिकट काटते हुए कांग्रेस से ही आये शब्बीर अब्बास को आगरा उत्तर से अपना प्रत्याशी बना दिया। इससे नाराज मुरारीलाल गोयल ने बसपा छोड़ने का ऐलान कर दिया और शनिवार को आगरा दौरे पर आए उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के समक्ष भाजपा में शामिल होने की घोषणा कर दी।
इससे पहले पंजाबी समाज के अध्यक्ष सर्वप्रकाश कपूर ने भी शहर की जनता के नाम खुला पत्र जारी करते हुए भाजपा प्रत्याशी पुरुषोत्तम खण्डेलवाल के समर्थन की घोषणा कर दी।
इन लोगों के पुरुषोत्तम खण्डेलवाल के साथ दिखाई देने पर अग्रवाल समाज के गुट ने भी अपने स्वर मद्धिम कर लिये हैं। ऐसे में, यह लगने लगा है कि बागियों का समझाने-मनाने में पुरुषोत्तम खंडेलवाल सफल हो गये हैं।
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