चोटी की लड़ाई: अशोक दीक्षित की बेटी रूपाली देंगी छोटेलाल वर्मा को चुनौती
सपा ने फतेहाबाद सीट पर तीन दिन पहले घोषित प्रत्याशी बदला
राजेश शर्मा की जगह अब रूपाली दीक्षित को बनाया उम्मीदवार
आगरा, 19 जनवरी। समाजवादी पार्टी द्वारा जिले की फतेहाबाद सीट पर प्रत्याशी बदलकर रूपाली दीक्षित को मैदान में उतार देने से यहाँ मुकाबला अब रोचक होता नजर आ रहा है। इस सीट से पिछले चुनाव में विजयी रहने वाली भारतीय जनता पार्टी के लिए राह आसान नहीं होगी।
भाजपा ने यहां से पूर्व विधायक छोटेलाल वर्मा को मैदान में उतारा है। छोटेलाल वर्मा को इन दिनों अपनी ही पार्टी के असंतुष्टों को मनाने में कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। उनके सामने तीन तरफा चुनौतियां हैं। एक ओर उन्हें रूठे हुए अपनों को मनाना है, तो दूसरी ओर सपा से रूपाली दीक्षित और बसपा से शैलेन्द्र प्रताप सिंह से मिलने वाली चुनौती से जूझना है।
रुपाली अशोक दीक्षित की बेटी हैं। अशोक दीक्षित का इस क्षेत्र में खासा प्रभाव माना जाता है। अशोक दीक्षित दो बार बहुजन समाज पार्टी से और एक बार निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं। इस क्षेत्र से भाजपा के वर्तमान प्रत्याशी छोटेलाल वर्मा के खिलाफ वर्ष 2007 में निर्दलीय लड़ते हुए अशोक दीक्षित दूसरे स्थान पर रहे थे। अब अशोक दीक्षित की बेटी रूपाली के चुनाव मैदान में आने से उन्हें लोगों से पुराना स्नेह मिलने की पूरी उम्मीद है।
छोटेलाल के लिए एक दिक्कत का विषय है कि कुछ माह पहले उन्होंने एक समाज विशेष के बारे में विवादित टिप्पणी कर दी थी। उनके विवादित बयान ने खासी सुर्खियां बटोरीं थीं। उस समय भी रूपाली दीक्षित इस विवादित बयान के खिलाफ़ उठ खड़ी हुई थीं और समाज के खिलाफ बोलने वालों को समय आने पर समुचित जवाब देने की चेतावनी दी थी। रूपाली लम्बे समय से फतेहाबाद से चुनाव लड़ने की तैयारी में लगी थीं। रूपाली के छोटेलाल के खिलाफ तेवरों के बाद उन्हें राजनीति में मजबूत दावेदार माना जाने लगा था।
यही कारण रहा कि सपा ने जब राजेश शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया तो पार्टी का ही एक वर्ग रूपाली की पैरवी में जुट गया। पार्टी आलाकमान को रूपाली को प्रत्याशी बनाये जाने से मिलने वाले लाभ के गणित समझाये गये। तीन दिन के विचार-विमर्श के बाद सपा ने राजेश शर्मा को बदलते हुए रूपाली के नाम पर मुहर लगा दी।
सपा के महानगर अध्यक्ष वाजिद निसार ने इस बदलाव की पुष्टि करते हुए बताया कि रूपाली दीक्षित को पार्टी का 'बी' फार्म जारी कर दिया गया है।
रूपाली दीक्षित ने विदेश में पढ़ाई और नौकरी करने के बाद राजनीतिक जीवन में कदम रखा है। वर्ष 2017 से राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाली रूपाली दीक्षित फतेहाबाद क्षेत्र में लगातार सक्रियता के चलते युवाओं की आवाज बन चुकी हैं। रूपाली ने पिछले कई वर्षाें से समाज सेवी संगठन " कर्मा" के जरिए सक्रिय रह कर बड़ी संख्या में युवाओं को अपने साथ जोड़ा है।
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