प्रियंका के सहारे आगरा में प्रदर्शन सुधारेगी कांग्रेस !



आगरा ।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वढेरा के महिलाओं को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में इस बार चालीस प्रतिशत टिकट देने के वायदे और "लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ" नारे का महिलाओं के बीच असर दिखने लगा है। साथ ही सत्ता के प्रति लोगों की नाराजगी भी कांग्रेस के प्रति रुझान बढ़ा रही है। माना जा रहा है कि आगरा जिले में पिछले चुनावों की तुलना में पार्टी इस बार प्रदर्शन सुधार सकती है।

पिछले विधानसभा चुनावों में चौथे या पांचवें स्थान पर रहने वाली कांग्रेस की स्थिति में वर्ष 2022 के चुनावों में कितनी सुधरेगी, यह अभी भविष्य के गर्भ में है, लेकिन प्रदेश के कुछ जिलों की तरह ताजनगरी में भी कांग्रेस के प्रति लोगों का बढ़ता रुझान पार्टीजनों में उत्साह जगा रहा है।

सोमवार को यहाँ सूरसदन प्रेक्षागृह में महिलाओं के लिये आयोजित सम्मेलन के दौरान उम्मीद से अधिक पहुंची भीड़ ने कांग्रेसजनों में नई ऊर्जा फूंक दी। सम्मेलन ने यह भी स्पष्ट संकेत दे दिया कि मतदाताओं में सत्तारूढ़ पार्टी के प्रति नाराजगी है और वे रोजगार व महंगाई जैसे ज्वलंत मुद्दों का सन्तोषजनक समाधान चाहते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के प्रति मतदाताओं के बढ़ते रुझान को वोटों में बदल पाना बड़ी चुनौती होगी। 

प्रदेश की सत्ता से करीब तीन दशकों से बाहर चल रही कांग्रेस इस बार अपनी राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वढेरा के नेतृत्व में चुनाव अभियान को गति दे रही है। प्रियंका ने महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देने की बात कह कर आधी आबादी को अपनी ओर मोड़ने का पासा फेंका है। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश भर में अपनी सक्रियता भी बढ़ा रखी है। महिलाओं के साथ ही वह वंचित समाज को भी अपने साथ जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। 

पिछले दिनों जिले के थाना जगदीशपुरा में एक सफाईकर्मी की पुलिस हिरासत में मौत होने पर प्रियंका ने न केवल यहां आकर मृतक के परिजनों से सम्वेदना जताई, बल्कि परिवार की आर्थिक मदद भी की थी।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि प्रियंका की सक्रियता ने कांग्रेसजनों में उत्साह भरा है। पार्टी पिछले चुनावों के मुकाबले अपना प्रदर्शन सुधार सकती है। पार्टी कितनी सीटों पर जीतेगी, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन इतना तय है कि पार्टी इस बार अपने मतों का प्रतिशत बढ़ाने में सफल रहेगी।

वरिष्ठ राजनीतिज्ञ डॉ. मधुरिमा शर्मा का कहना है कि कांग्रेस की स्थिति में सुधार हुआ है और जिले की नौ विधानसभा सीटों में से कम से कम चार या पांच पर पार्टी मुख्य मुकाबले में दिखेगी। उनका मानना है कि भाजपा द्वारा हर चुनावों से पहले धार्मिक भावनाओं को हवा दिए जाने के खेल को मतदाता समझने लगे हैं। आम आदमी बेरोजगारी और महंगाई से बुरी तरह पीड़ित है। भाजपा की केंद्र या राज्य सरकारें दोनों मोर्चों पर पूरी तरह विफल रही हैं।

वरिष्ठ राजनीतिज्ञ भारत भूषण कहते हैं कि लॉकडाउन के दौरान आक्सीजन की कमी और सरकारी अव्यवस्थाओं के चलते बड़ी संख्या में हुई मौतों को लोग भूले नहीं हैं। अब सरकार का यह बयान कि आक्सीजन की कमी नहीं रही थी, ऐसे परिवारों के लिए जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहा है। सत्तादल से नाराजगी का लाभ कांग्रेस को मिल सकता है।

कांग्रेस नेता उपेंद्र सिंह का भी कहना है कि काँग्रेस की स्थिति निरन्तर बेहतर हो रही है। जमीनी कार्यकर्ताओं को अधिकाधिक संख्या में जोड़कर पार्टी इसका लाभ ले सकती है।

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